लंदन: ब्रिटेन में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब कामकाज के तरीके पर भी दिखाई देने लगा है। घरों में बढ़ती उमस और गर्मी से परेशान कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम छोड़कर एयर-कंडीशन्ड (एसी) दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। इसके चलते कई शहरों में कार्यालयों में कर्मचारियों की मौजूदगी कोविड-19 महामारी के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। पारंपरिक ब्रिटिश घर अत्यधिक गर्म मौसम के अनुकूल नहीं बने होने के कारण लोग ठंडे और सुविधाजनक कार्यालयों में काम करना अधिक पसंद कर रहे हैं।
एसी ऑफिस स्पेस की मांग में तेज बढ़ोतरी
लंदन में कंपनियों को ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच एयर-कंडीशन्ड कार्यालयों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कॉर्पोरेट कंपनियां भी कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दे रही हैं, जिससे एसी ऑफिस स्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है।
रेड अलर्ट के दौरान 75% तक बढ़ी ऑफिस उपस्थिति
फ्लेक्सिबल ऑफिस उपलब्ध कराने वाली एक कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी वाले रेड अलर्ट दिनों में उनके कार्यालयों में कर्मचारियों की मौजूदगी सामान्य दिनों की तुलना में 75 प्रतिशत तक बढ़ गई। कंपनी का कहना है कि लोग घरों की उमस से बचने और बेहतर उत्पादकता बनाए रखने के लिए कार्यालयों में काम करना पसंद कर रहे हैं।
घरों में एसी लगाने पर भी बढ़ा जोर
भीषण गर्मी के बीच ब्रिटेन में घरों के लिए एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरणों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। पिछले तीन वर्षों में एसी वाले घरों की संख्या दोगुनी होकर करीब 40 लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान और वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति ने पोर्टेबल पंखों और एयर कंडीशनर की मांग में भी बड़ा इजाफा किया है।
प्रदूषण को लेकर प्रशासन की चिंता
दूसरी ओर, पर्यावरणीय प्रभाव को देखते हुए लंदन की कुछ स्थानीय काउंसिलों ने लोगों को नए एसी लगाने से बचने और ऊर्जा की खपत कम करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने घरों में प्राकृतिक वेंटिलेशन और पंखों के उपयोग को प्राथमिकता देने की अपील भी की है।
